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🔥 शिवणी जहांगीर : रेत माफिया का साम्राज्य!



🚨 पुलिस के मुखबिर बने तस्करों के सिपाही, प्रशासन बना मूकदर्शक


वणी | शिवणी जहांगीर गांव में निरगुडा नदी अब नदी नहीं, रेत माफिया की खान बन चुकी है।
यहां चल रही अवैध रेत तस्करी सरकार के खिलाफ खुला अपराध है — और यह अपराध पुलिस, महसूल विभाग और राजनीतिक आकाओं की शह पर फल-फूल रहा है।

🕵️‍♂️ मुखबिर नहीं, माफिया का कंट्रोल रूम!
सबसे सनसनीखेज खुलासा यह है कि पुलिस के मुखबिर अब तस्करों के लिए काम कर रहे हैं
कार्रवाई की भनक पहले माफिया तक पहुंचती है
पुलिस पहुंचने से पहले ट्रैक्टर फरार मौके पर सिर्फ खाली घाट और मिट्टी के निशान!
तो सवाल साफ है—
जब अपराधी पहले से सतर्क हैं, तो खबर उन्हें कौन दे रहा है?  रात का आतंक : ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट, किसानों की नींद गायब हो रही।

हर रात—
🔴 आधा दर्जन से अधिक ट्रैक्टर
🔴 जेसीबी मशीनें खुलेआम सुरु
🔴 खेतों, चट्टान के बीच जबरन रास्ते
🔴 फसलें रौंदी जाती हैं
पूरे गांव में डर का साम्राज्य है।
जो विरोध करता है, उसे धमकाया जाता है।
प्रति ट्रैक्टर सेटिंग, ऊपर तक बंटता हिस्सा
ग्रामीणों का आरोप— हर ट्रैक्टर से “फिक्स” वसूली
हिस्सा पुलिस–महसूल तक इसलिए कोई जब्ती नहीं इसलिए कोई नामजद कार्रवाई नहीं
कार्रवाई सिर्फ दिखावा, फाइलों तक सीमित!

🏛️ ग्राम पंचायत से मंत्रालय तक साया
रेत माफिया को—
❗ गांव के सरपंच और कुछ पदाधिकारी का संरक्षण
❗ राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं की खुली ढाल
❗ प्रशासन पर सीधा दबाव
इसीलिए मोहीतकर, ढवस और ठाकरे जैसे नाम
बेखौफ होकर दादागिरी और मुजोरी से तस्करी चला रहे हैं।
🌾 किसानों पर बुलडोजर, माफिया पर मेहरबानी
👉 खड़ी फसलें तबाह
👉 जमीन खोदी गई
👉 रास्ते बना दिए गए
👉 मुआवजा शून्य
किसान लुटा —और प्रशासन सोता रहा।
📉 सैकड़ों ब्रास चोरी, करोड़ों का सरकारी खजाना लूटा है।
अब तक—
🔻 सैकड़ों ब्रास रेत चोरी
🔻 ₹4,000–₹6,000 प्रति ट्रैक्टर बिक्री
🔻 लाखों नहीं, करोड़ों का महसूल नुकसान
यह सिर्फ चोरी नहीं—
सरकारी खजाने पर डाका है।
❓ अब सीधे सवाल
क्या पुलिस मुखबिर सिस्टम पूरी तरह भ्रष्ट हो चुका है?
क्या महसूल अधिकारी माफिया के साझेदार बन चुके हैं?
क्या यह रेत तस्करी सत्ता की मंजूरी से चल रही है?
✊ अब आर-पार की लड़ाई
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की चेतावनी—
🔥 मुखबिर नेटवर्क की जांच हो
🔥 पुलिस–महसूल अधिकारियों की संपत्ति जांच हो
🔥 राजनीतिक आकाओं को बेनकाब किया जाए
🔥 CBI  की हाई-लेवल जांच हो
अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई,
तो शिवणी जहांगीर सड़क पर उतरेगा —
और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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