चमत्कारी इलाज के दावों पर FDA का शिकंजा! चंद्रपुर में आयुर्वेदिक दवाओं का बड़ा जखीरा जब्त
मधुमेह, मोटापा और हृदय रोग ठीक करने के भ्रामक दावों पर कार्रवाई, 45,970 रुपये का स्टॉक सीज
चंद्रपुर, 4 जून।गंभीर बीमारियों के इलाज के नाम पर भ्रामक और आपत्तिजनक दावे कर लोगों को गुमराह करने वालों के खिलाफ अन्न एवं औषध प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। चंद्रपुर के जटपुरा गेट क्षेत्र स्थित एक आयुर्वेदिक औषधि विक्रय केंद्र पर छापेमारी कर 45 हजार 970 रुपये मूल्य की दवाओं का स्टॉक जब्त किया गया है।
FDA अधिकारियों द्वारा की गई जांच में पाया गया कि संबंधित प्रतिष्ठान में ऐसी आयुर्वेदिक दवाएं बेची जा रही थीं, जिनके प्रचार में मधुमेह, मोटापा, हृदय रोग, दमा, बुखार और वजन कम करने जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को ठीक करने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे।
जांच के दौरान कुल 16 प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियां संदेह के घेरे में आईं। इनमें से तीन दवाओं के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं, जबकि शेष दवा स्टॉक को जब्त कर लिया गया।
वैज्ञानिक प्रमाण के बिना किए जा रहे थे बड़े दावे
FDA के अनुसार संबंधित दवाओं के प्रचार में ऐसे दावे किए गए थे, जिनका कोई वैज्ञानिक आधार या प्रमाण उपलब्ध नहीं था। गंभीर बीमारियों को पूरी तरह ठीक करने अथवा चमत्कारी परिणाम देने का दावा करना “औषधि एवं जादुई उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954” का उल्लंघन माना जाता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनता को भ्रमित करने वाली दवा बिक्री और भ्रामक विज्ञापन कानून के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं।
नागरिक रहें सतर्क
अन्न एवं औषध प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे चमत्कारी इलाज और आकर्षक विज्ञापनों के झांसे में न आएं। किसी भी बीमारी के उपचार के लिए योग्य चिकित्सक की सलाह के बिना दवाओं का सेवन न करें।
FDA ने यह भी चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले दवा निर्माताओं, वितरकों और विक्रेताओं के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कार्रवाई स्वास्थ्य के नाम पर लोगों की भावनाओं और बीमारियों का फायदा उठाने वालों के खिलाफ एक बड़ा संदेश मानी जा रही है।