वेकोलि प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्सा, ‘काला दिवस‘ मनाकर किया जोरदार विरोध प्रदर्शन
आमरण अनशन का तीसरा दिन: बेरोजगारों और विस्थापितों का आरोप – आश्वासन मिले, समाधान नहीं
मुंडन आंदोलन के बाद अब शंखनाद, अगरबत्ती और नारियल फोड़कर जताया आक्रोश
चंद्रपुर। ()स्थानीय बेरोजगार युवाओं, ठेका श्रमिकों, परियोजना प्रभावितों और विस्थापितों की विभिन्न मांगों को लेकर शुरू किया गया आमरण अनशन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) प्रबंधन के खिलाफ “काला दिवस” मनाते हुए तीव्र विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन की कथित उदासीनता पर नाराजगी जताई।
अनशनकर्ता रोशन हरबड़े के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में वेकोलि के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। आंदोलनकारियों ने शंखनाद, अगरबत्ती जलाकर तथा नारियल फोड़कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का प्रतीकात्मक पुतला स्थापित कर मांगों का ज्ञापन सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया गया।
इससे पहले मंगलवार को बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं और श्रमिकों ने मुंडन आंदोलन कर वेकोलि प्रशासन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया था। आंदोलनकारियों का आरोप है कि स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार में प्राथमिकता, श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और परियोजना प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने संबंधी मांगों को लेकर कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जिलाधिकारी के निर्देशों की भी अनदेखी का आरोप
आंदोलनकारियों का कहना है कि जिलाधिकारी द्वारा कई बार सख्त निर्देश और आदेश जारी किए जाने के बावजूद वेकोलि के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कोई स्पष्ट भूमिका नहीं अपनाई है। आरोप है कि प्रशासनिक निर्देशों पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, जिससे प्रभावित वर्गों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
आंदोलन समिति के अनुसार, जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों द्वारा भी वेकोलि प्रबंधन से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलने से स्थानीय युवाओं, परियोजना प्रभावितों और श्रमिकों में निराशा और आक्रोश बढ़ गया है।
अनशनकारियों की बिगड़ रही तबीयत
तीन दिन से जारी आमरण अनशन के कारण अनशनकर्ता रोशन हरबड़े और नाथू नवले की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही है। आंदोलन समिति का कहना है कि स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद वेकोलि प्रबंधन और संबंधित प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है।
गौरतलब है कि पिछले महीने भी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन और आमरण अनशन किया गया था। उस समय जिलाधिकारी के निर्देश पर लिखित आश्वासन और आधिकारिक पत्राचार मिलने के बाद आठ दिन से चल रहा अनशन स्थगित किया गया था। आंदोलनकारियों का आरोप है कि आश्वासनों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
‘न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा’
अनशनकर्ता रोशन हरबड़े ने स्पष्ट कहा कि स्थानीय युवाओं के रोजगार, परियोजना प्रभावितों के पुनर्वास और श्रमिकों के अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है। यदि लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे आंदोलन की भी अनदेखी होती रही तो संघर्ष को और अधिक उग्र किया जाएगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि 4 जून 2026 को वेकोलि के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक की कार्यशैली के विरोध में और अधिक तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने कहा कि जिलाधिकारी के आदेशों की अनदेखी, स्थानीय लोगों के अधिकारों के प्रति उदासीनता तथा अनशनकारियों की बिगड़ती सेहत की नैतिक जिम्मेदारी पूरी तरह वेकोलि प्रबंधन की है। उनका कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वेकोलि प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्सा, ‘काला दिवस’ मनाकर किया जोरदार विरोध प्रदर्शन
आमरण अनशन का तीसरा दिन: बेरोजगारों और विस्थापितों का आरोप – आश्वासन मिले, समाधान नहीं
मुंडन आंदोलन के बाद अब शंखनाद, अगरबत्ती और नारियल फोड़कर जताया आक्रोश
चंद्रपुर। () स्थानीय बेरोजगार युवाओं, ठेका श्रमिकों, परियोजना प्रभावितों और विस्थापितों की विभिन्न मांगों को लेकर शुरू किया गया आमरण अनशन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) प्रबंधन के खिलाफ “काला दिवस” मनाते हुए तीव्र विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन की कथित उदासीनता पर नाराजगी जताई।
अनशनकर्ता रोशन हरबड़े के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में वेकोलि के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। आंदोलनकारियों ने शंखनाद, अगरबत्ती जलाकर तथा नारियल फोड़कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का प्रतीकात्मक पुतला स्थापित कर मांगों का ज्ञापन सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया गया।
इससे पहले मंगलवार को बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं और श्रमिकों ने मुंडन आंदोलन कर वेकोलि प्रशासन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया था। आंदोलनकारियों का आरोप है कि स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार में प्राथमिकता, श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और परियोजना प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने संबंधी मांगों को लेकर कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जिलाधिकारी के निर्देशों की भी अनदेखी का आरोप
आंदोलनकारियों का कहना है कि जिलाधिकारी द्वारा कई बार सख्त निर्देश और आदेश जारी किए जाने के बावजूद वेकोलि के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कोई स्पष्ट भूमिका नहीं अपनाई है। आरोप है कि प्रशासनिक निर्देशों पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, जिससे प्रभावित वर्गों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।