महामिनरल वाशरी में मिक्स कोल के लिए बैड मटेरियल संग्रहण
नियोजन पुर्व स्थानिक उद्योग से वाशरी में सैकड़ों टन बैड मटेरियल पहुच रहा।
घुग्घुस : उसगांव से लेकर, बल्लारपुर सास्ती,वणी पिंपलगांव महामिनरल वाशरी में कोल वाश के आड मे कोयले कि धोखाधड़ी बडे पैमाने पर सुरु है। बताया जा रहा है कि वेकोलि कंपनी में मुगोलि,सास्ती,वणी नार्थ अदी कोयला खदान से कोयला निकलने(DO) के पुर्व बैड मटेरियल का संग्रहण वाशरी के अंदर तथा तडाली,सास्ती,वणी,रेलवे साइडिंग में बड़े पैमाने किया जा रहा।
महामिनरल वाशरी में कोल वाश के आड़ में सरकारी यंञणा के साथ धोखाधड़ी किया जा रहा, मिलावटखोरी से पावर प्लांट के बायलर और महेंगे मशीन बिगड रहे, जिसके कारण आज गरीब जनता को महेंगी बिजली खरीदनी पड़ती है।
पिछले अनेक वर्ष से महामिनरल वाशरी में कोल वाश करने के बजाए लाॅयड्स मेटल से नियोजन बाद बैड मटेरियल कि मिक्सिंग धड़ल्ले से कि जा रही है, जिससे आस पास में सटे गांव का वातावरण बिगड रहा,हवा में उड़ते काले धुल से पर्यावरण पर दुष्परिणाम होकर खेत में खड़े फसल बर्बाद हो रहे,साथ मनुष्य जीव जंतुओं पर बिमारी का प्रकोप बढ रहा।
महामिनरल वाशरी में कोयला सफाई के आड़ में हाथ कि सफाई करोड़ों अरब तक पहुंच गई है परंतु कोयला स्मग्लिंग में सामील प्रशासन अधिकारी सहीत जनप्रतिनिधि भी विधानसभा में दबी आवाज से हकलाकर चुप कैसे बैठे हैं,आखीर वाशरी के आड़ में करोड़ों अरब कोयला तश्करी पर विराम कब लगेगा,यह सवाल शासन प्रशासनिक अधिकारी, प्रादेशिक प्रदुषण नियंत्रण विभाग सहीत जनप्रतिनिधि से जनता कर रही। सरकारी अधिकारी,कोल वाशरी, प्रदुषण नियंत्रण विभाग , महाजैनको अधिकारी तथा लोकप्रतिनिधि के सांठगांठ से वाशरी के आड़ में कोयला तश्करी बड़े पैमाने पर सुरु है।
महामिनरल वाशरी में सरकारी नियम को ताख मे रखकर कोयलें कि मिलावटखोरी बाद तश्करी दिनदहाड़े खुलेआम सुरू हैं, जिससे शासन के राजस्व को अरबों रुपए का चपत लग रहा,वाशरी मे पाणी का उपयोग कैसे और कहां से किया जाता है, आपातकालीन स्थिति में अग्निशमन वाहन कि उपलब्धि है कि नही, सुरक्षा के नियम के अनुसार नियमों का पालन होता है कि नहीं,इस तरहां के तमाम सरकारी नियम कि जांच करने कि मांग नागरिक तथा सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा शासन से कि जा रही है। साथ ही विधानसभा शितसञ में भी विपक्ष दल द्वारा वाशरी में होनेवाली कोयले हेराफेरी कि आवाज उठाने की मांग कि जा रही है।